भारत की अपवाह प्रणाली: नदियाँ एवं परियोजनाएँ
1 min read
73 views
06 Jul 2026
Indian GK
भारत की नदियाँ हिमालयी एवं प्रायद्वीपीय – दो मुख्य भागों में बँटी हैं। यह नोट्स सिन्धु, गंगा, ब्रह्मपुत्र, पूर्वी-पश्चिमी बहाव वाली नदियों तथा प्रमुख बाँध परियोजनाओं का त्वरित पुनरावलोकन कराता है।
Table of Contents
- भारत की अपवाह प्रणाली (Drainage System of India)
- हिमालयी नदियाँ (Himalayan Rivers)
- 1. सिन्धु तंत्र (Indus System)
- 2. गंगा तंत्र (Ganga System)
- 3. ब्रह्मपुत्र तंत्र (Brahmaputra System)
- प्रायद्वीपीय नदियाँ (Peninsular Rivers)
- पूर्व की ओर बहने वाली नदियाँ (बंगाल की खाड़ी – डेल्टा निर्माता)
- पश्चिम की ओर बहने वाली नदियाँ (अरब सागर – एस्चुअरी निर्माता)
- प्रमुख नदी घाटी परियोजनाएँ (River Valley Projects)
- भारत की जलवायु (Climate of India)
Key Points
- भारत-पाकिस्तान जल संधि (1960) के अनुसार भारत सिन्धु, झेलम, चिनाब के 20% जल का ही उपयोग कर सकता है।
- कोसी ‘बिहार का शोक’ तथा दामोदर ‘बंगाल का शोक’ कहलाता है।
- माजुली (ब्रह्मपुत्र) विश्व का सबसे बड़ा नदी द्वीप है; सुंदरवन विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा।
- आयतन में ब्रह्मपुत्र भारत की सबसे बड़ी नदी है, जबकि लंबाई में गंगा।
- हीराकुड (महानदी) विश्व का सबसे लंबा बाँध है; भाखड़ा (सतलुज) सबसे ऊँचा बाँध।
भारत की अपवाह प्रणाली (Drainage System of India)
- 90% भू-जल बंगाल की खाड़ी में तथा 10% अरब सागर में गिरता है।
- पूर्ववर्ती नदियाँ (Antecedent Rivers): हिमालय निर्माण से पहले अस्तित्व में आईं – सिन्धु, ब्रह्मपुत्र, सतलुज।
- भारत की नदियाँ दो मुख्य भागों में बँटी हैं – हिमालयी नदियाँ और प्रायद्वीपीय नदियाँ।
हिमालयी नदियाँ (Himalayan Rivers)
1. सिन्धु तंत्र (Indus System)
- पश्चिमतम हिमालयी नदी, तिब्बत में ‘सिंगी खम्बान’ (शेर का मुँह) कहलाती है।
- उद्गम: मानसरोवर झील के पास बोखर चू ग्लेशियर (तिब्बत)।
- भारत-पाकिस्तान जल संधि (1960) के अनुसार भारत सिन्धु, झेलम एवं चिनाब के कुल जल का केवल 20% उपयोग कर सकता है।
| नदी | उद्गम | लंबाई (किमी) | गिरावट |
|---|---|---|---|
| सिन्धु | मानसरोवर झील के निकट | 2,880 | अरब सागर |
| झेलम | वेरीनाग | 724 | चिनाब |
| चिनाब | बरालाचा दर्रा | 1,180 | सिन्धु |
| रावी | रोहतांग दर्रे के निकट | 725 | चिनाब |
| ब्यास | रोहतांग दर्रे के निकट | 460 | सतलुज |
| सतलुज | मानसरोवर-राकस झील | 1,450 | चिनाब |
2. गंगा तंत्र (Ganga System)
- उद्गम: गंगोत्री हिमनद (गौमुख, 3,900 मी), यहाँ भागीरथी कहलाती है।
- देवप्रयाग में भागीरथी व अलकनंदा का संगम, यहाँ से गंगा कहलाती है।
- अलकनंदा का उद्गम: बद्रीनाथ के ऊपर सतोपंथ हिमनद।
- बाएँ तट की सहायक नदियाँ: रामगंगा, गोमती, काली (शारदा), गंडक, कोसी, महानंदा।
- दाएँ तट की सहायक नदियाँ: यमुना, सोन।
- कोसी: ‘बिहार का शोक’ | दामोदर: ‘बंगाल का शोक’
- हुगली गंगा की एक वितारिका (कोलकाता के पास)।
| नदी | उद्गम | लंबाई (किमी) | गिरावट |
|---|---|---|---|
| गंगा | गंगोत्री हिमनद | 2,525 | बंगाल की खाड़ी |
| यमुना | यमुनोत्री हिमनद | 1,376 | गंगा (प्रयागराज) |
| चम्बल | महो के निकट | 960 | यमुना |
| घाघरा | मानसरोवर के दक्षिण | 1,080 | गंगा |
| सोन | अमरकंटक पठार | 780 | गंगा |
| गंडक | तिब्बत-नेपाल सीमा | 425* | गंगा |
| कोसी | सिक्किम-नेपाल-तिब्बत हिमालय | 730* | गंगा |
*भारत में लंबाई
3. ब्रह्मपुत्र तंत्र (Brahmaputra System)
- तिब्बत: त्सांगपो | अरुणाचल: दिहांग/सियांग | असम: ब्रह्मपुत्र | बांग्लादेश: जमुना
- माजुली – विश्व का सबसे बड़ा नदी द्वीप।
- सुंदरवन डेल्टा: गंगा-ब्रह्मपुत्र का संयुक्त डेल्टा, विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा।
- आयतन (वॉल्यूम) की दृष्टि से: ब्रह्मपुत्र (भारत की सबसे बड़ी नदी) | लंबाई की दृष्टि से: गंगा (सबसे लंबी)
प्रायद्वीपीय नदियाँ (Peninsular Rivers)
पूर्व की ओर बहने वाली नदियाँ (बंगाल की खाड़ी – डेल्टा निर्माता)
- एस्चुअरी (Estuary) नहीं बनाती, डेल्टा बनाती हैं।
| नदी | उद्गम | लंबाई (किमी) | प्रमुख सहायक नदियाँ |
|---|---|---|---|
| महानदी | दंडकारण्य की तलहटी | 857 | सियोनाथ, हसदेव, मंड, टेल, ओंग, जोंक |
| गोदावरी | त्र्यंबक सह्याद्रि (नासिक) | 1,465 | पेनगंगा, वर्धा, इंद्रावती, सबरी, मंजिरा |
| कृष्णा | महाबलेश्वर (पश्चिमी घाट) | 1,400 | भीमा, तुंगभद्रा, मालप्रभा, कोयना |
| कावेरी | ब्रह्मगिरी श्रेणी (पश्चिमी घाट) | 800 | हेरंगी, हेमावती, शिमशा, अर्कावती |
पश्चिम की ओर बहने वाली नदियाँ (अरब सागर – एस्चुअरी निर्माता)
- डेल्टा नहीं बनाती, एस्चुअरी (Estuary) बनाती हैं।
| नदी | उद्गम | लंबाई (किमी) | सहायक नदियाँ |
|---|---|---|---|
| साबरमती | अरावली श्रेणी | 371 | हाथमती, सीरी, वाकल |
| माही | विंध्य श्रेणी | 583 | — |
| नर्मदा | अमरकंटक | 1,312 | हीरन, तवा, शक्कर |
| तापी (ताप्ती) | मुलताई (सतपुड़ा) | 724 | पूर्णा, बेतुल, अरुणावती, गंजल |
| लूनी | अरावली | 495 | — |
प्रमुख नदी घाटी परियोजनाएँ (River Valley Projects)
- भाखड़ा नांगल परियोजना: सतलुज (पंजाब) – सर्वोच्च बाँध (226 मी), जलाशय: गोविंद सागर झील
- हीराकुड परियोजना: महानदी (ओडिशा) – विश्व का सबसे लंबा बाँध (4,801 मी)
- दामोदर घाटी परियोजना: दामोदर (झारखंड) – अमेरिका के टेनेसी घाटी प्रोजेक्ट पर आधारित
- नागार्जुन सागर परियोजना: कृष्णा (आंध्र प्रदेश)
- तुंगभद्रा परियोजना: तुंगभद्रा (एपी & कर्नाटक)
- शिवसमुद्रम परियोजना: कावेरी (कर्नाटक) – भारत की पहली जलविद्युत परियोजना
- रीहंद परियोजना: सोन (मिर्जापुर) – जलाशय: गोविंद वल्लभ पंत सागर
- चम्बल घाटी परियोजना: चम्बल (MP & राजस्थान) – तीन बाँध: गाँधी सागर, राणा प्रताप सागर, जवाहर सागर
- कोसी परियोजना: कोसी (उत्तरी बिहार)
- काकरापारा परियोजना: तापी (गुजरात)
भारत की जलवायु (Climate of India)
- प्रकार: उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु।
- हिमालय की भूमिका: मध्य एशिया से आने वाली ठंडी वायुराशियों को रोकता है।
- कर्क रेखा (23.5°N) भारत को लगभग दो समान जलवायु क्षेत्रों में बाँटती है – उत्तरी क्षेत्र व दक्षिणी क्षेत्र।
- तापमान में अत्यधिक विविधता:
- राजस्थान में जून में 55°C तक
- द्रास व कारगिल में जनवरी में -45°C से -50°C
- वर्षा में चरम विविधता:
- मासिनराम/चेरापूंजी (मेघालय) : 2,500 सेमी वार्षिक
- थार मरुस्थल : 13 सेमी से कम
- आंतरिक क्षेत्रों में महाद्वीपीय जलवायु, तटों पर समशीतोष्ण जलवायु।
लक्षद्वीप-मालदीव विभाजक: आठ डिग्री चैनल (8° N)