VB-G RAM G Act 2025 - नया ग्रामीण रोजगार अधिनिय
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Key Points
- MGNREGA का नाम बदलकर VB-G RAM G Act 2025 किया गया है (Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission Gramin)
- नया अधिनियम 1 जुलाई 2026 से लागू होगा; MGNREGA इसी तिथि से पूर्णतः निरस्त (repealed) हो जाएगा
- रोजगार गारंटी 100 से बढ़ाकर 125 दिन प्रति वर्ष प्रति ग्रामीण परिवार कर दी गई है
- फंडिंग पैटर्न बदल गया है — अब केंद्र : राज्य = 60:40 (महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान आदि राज्यों के लिए)
- पूर्वोत्तर एवं पहाड़ी राज्यों (11 राज्य) के लिए फंडिंग 90:10 होगी
- वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹95,692.31 करोड़ का रिकॉर्ड बजट आवंटित किया गया है
- राजस्थान में पंचायती राज की शुरुआत 2 अक्टूबर 1959 को नागौर जिले से हुई।
महात्मा गांधी NREGA का REPLACEMENT: VB-G RAM G Act 2025
भारत सरकार ने 21 वर्ष पुरानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA), 2005 को निरस्त कर दिया है। इसके स्थान पर "विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (VB-G RAM G)" लागू किया जा रहा है [citation:1][citation:3]।
केंद्र सरकार ने 11 मई 2026 को अधिसूचना जारी कर दी है कि VB-G RAM G Act, 2025 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू होगा। इसी तिथि से MGNREGA पूर्णतः समाप्त (repealed) हो जाएगा [citation:7]।
VB-G RAM G Act की मुख्य विशेषताएँ
- नया नाम — विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम / VB-G RAM G [citation:1]
- लागू तिथि — 1 जुलाई 2026 (11 मई 2026 को अधिसूचित) [citation:7]
- स्थिति — MGNREGA, 2005 का निरसन (repeal) 1 जुलाई 2026 से [citation:3]
- रोजगार गारंटी — 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन प्रति वित्तीय वर्ष प्रति ग्रामीण परिवार [citation:1][citation:5]
- फंडिंग पैटर्न — केंद्र एवं राज्यों के बीच 60:40 का अनुपात (पूर्वोत्तर एवं पहाड़ी राज्यों के लिए 90:10) [citation:5]
- बजट आवंटन — वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रिकॉर्ड ₹95,692.31 करोड़ (केंद्रीय भाग) [citation:1]
VB-G RAM G vs पुराना MGNREGA: मुख्य अंतर
| विशेषता | MGNREGA (पुराना) | VB-G RAM G (नया, 1 जुलाई 2026 से) |
|---|---|---|
| रोजगार गारंटी | 100 दिन प्रति वर्ष | 125 दिन प्रति वर्ष [citation:1] |
| फंडिंग पैटर्न | मजदूरी का 100% केंद्र | केंद्र: राज्य = 60:40 [citation:5] |
| बेरोजगारी भत्ता | 15 दिन में रोजगार नहीं मिलने पर | जारी रहेगा [citation:6] |
| जॉब कार्ड | MGNREGA जॉब कार्ड | नया "ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड" [citation:7] |
ट्रांजिशन (संक्रमण काल) की प्रमुख बातें
- सुचारू संक्रमण — MGNREGA के तहत चल रहे कार्य 30 जून तक जारी रहेंगे, फिर नए ढाँचे में transfer हो जाएंगे [citation:7]
- जॉब कार्ड वैलिड — पुराने e-KYC वेरिफाइड MGNREGA जॉब कार्ड तब तक वैध रहेंगे जब तक नए कार्ड जारी नहीं हो जाते [citation:7]
- नियम तैयार — वेतन भुगतान, शिकायत निवारण, आवंटन मानदंडों से संबंधित ड्राफ्ट नियम राज्यों से परामर्श के बाद तैयार किए जा रहे हैं [citation:7]
- महिला सशक्तिकरण — लाभान्वित व्यक्तियों में कम से कम एक-तिहाई महिलाएँ होना अनिवार्य (पहले की तरह जारी)
राजस्थान में पंचायती राज व्यवस्था
पंचायती राज व्यवस्था के मामले में राजस्थान अग्रणी राज्य रहा है। 2 अक्टूबर 1959 को देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू ने राजस्थान के नागौर जिले में पंचायती राज प्रणाली की शुरुआत की।
73वें संविधान संशोधन अधिनियम (1993) के बाद राजस्थान सरकार ने अप्रैल 1994 में पंचायती राज अधिनियम 1994 पारित किया एवं 23 अप्रैल 1994 को लागू किया। वर्तमान में राजस्थान में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था (ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, जिला परिषद) कार्यरत है।
राजस्थान की शीर्ष सहकारी संस्थाएँ
- राजस्थान स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लि., जयपुर
- राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन, जयपुर
- राजस्थान राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक, जयपुर
- राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ, जयपुर
- राजस्थान राज्य सहकारी क्रय-विक्रय संघ, जयपुर
- राजस्थान राज्य सहकारी संघ, जयपुर
- राजस्थान राज्य सहकारी वन संघ, जयपुर
- राजस्थान राज्य सहकारी तिलहन संघ, जयपुर