राजस्थान की जातियाँ एवं जनजातियाँ
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05 Jul 2026
Rajasthan GK
राजस्थान की प्रमुख जातियाँ (राजपूत, ब्राह्मण, जाट, मीणा, भील, गूजर आदि), अनुसूचित जातियाँ (बावरी, मेघवाल आदि) एवं अनुसूचित जनजातियाँ (मीणा, भील, गरासिया, सहरिया, कालबेलिया, कथौड़ी) की विस्तृत जानकारी।
Table of Contents
Key Points
- राजस्थान में सर्वाधिक जनसंख्या वाली जनजाति मीणा है।
- मीणा जनजाति के मुख्य निवास स्थान जयपुर, सवाई माधोपुर एवं उदयपुर हैं (51.19% जनसंख्या)।
- राज्य की कुल अनुसूचित जनजातियों में भील के उपभेदों की सबसे अधिक विविधता है।
राजस्थान की प्रमुख जातियाँ
- राजपूत
- ब्राह्मण
- जाट
- मीणा
- भील
- गूजर
- चारण व भाट
- महाजन
- छींपा
- बलाई
- जैन
- बंजारा
- मेव
- सिख
- कायमखानी
- अहीर
- सौधिया
- माली
- शेख
- पठान
- सैयद
- बिश्नोई
- गाड़िया लुहार
- गरासिया
- रावत
- दरोगा
- ईसाई
राजस्थान की अनुसूचित जातियाँ
| क्र.सं. | जाति का नाम | क्र.सं. | जाति का नाम |
|---|---|---|---|
| 1 | आदिधर्मी | 31 | कालबेलिया, सपेरा |
| 2 | अहेरी | 32 | कामड़, कामड़िया |
| 3 | बादी | 33 | कंजर, कुंजर |
| 4 | बागरी, बागड़ी | 34 | कपाड़िया, सांसी |
| 5 | बैरवा, बेरवा | 35 | खंगार |
| 6 | बाजीगर | 36 | खटीक |
| 7 | बलाई | 37 | कोली, कोरी |
| 8 | बांसफोर, बांसफोड़ | 38 | कूच बंद, कूचबंद |
| 9 | बावरी | 39 | कोरिया |
| 10 | बर्मी, बेरमी, बेरंगी | 40 | मदारी, बाजीगर |
| 11 | बावरिया | 41 | महार, तराल, धेगुमेगु |
| 12 | बेड़िया, बेरिया | 42 | माह्यावंशी, ढेड, ढेडा, वणकर |
| 13 | भांड | 43 | मजहबी |
| 14 | भंगी, चूड़ा, मेहतर, बाल्मीकि | 44 | मांग, मातंग |
| 15 | बिलोचिया | 45 | मांग गारोई, मांग गारुड़ी |
| 16 | बोला | 46 | मेघ, मेघवाल, मेघवल, मेघवार |
| 17 | चमार, जाटव, मोची, रैदास, रेगर | 47 | मेहर |
| 18 | चांडाल | 48 | नट, नुट |
| 19 | डबगर | 49 | पासी |
| 20 | धानक, धानुक | 50 | रावल |
| 21 | धानकिया | 51 | सालवी |
| 22 | धोबी | 52 | सांसी |
| 23 | ढोली | 53 | सांतिया, सतिया |
| 24 | डोम, डोमर | 54 | सरभंगी |
| 25 | गांडिया | 55 | सरगरा |
| 26 | गरांचा, गांचा | 56 | सिंगीवाला |
| 27 | गारे, गारूड़ी, गरोझ | 57 | थोरी, नायक |
| 28 | गवरिया | 58 | तीरगार, तीरबंद |
| 29 | गोधी | 59 | तुरी |
| 30 | जीनगर |
राजस्थान की अनुसूचित जनजातियाँ
| क्र.सं. | जनजाति का नाम |
|---|---|
| 1 | भील, भील गरासिया, धोली भील, डूंगरी गरासिया, मेवासी भील, रावल भील, तड़वी भील, भगलिया, भीलाला, पावरा, वसावा |
| 2 | भील मीणा |
| 3 | डामोर, डामरिया |
| 4 | धानका, तड़वी, तेतरिया, वलवी |
| 5 | गरासिया (राजपूत गरासिया नहीं) |
| 6 | कथौड़ी, कातकरी, ढोर कथौड़ी, सोन कथौड़ी |
| 7 | कोरकू, कोंकनी, कुकना |
| 8 | कोली, कोली ढोर, टोकरो कोली, कोलचा, कोलगना |
| 9 | मीणा |
| 10 | नायकड़ा, नायक, कपाड़िया नायक, मोटा नायक, नाना नायक |
| 11 | पटेलिया |
| 12 | सहरिया, सेहरिया, सहारिया |
राजस्थान की प्रमुख जनजातियाँ - विस्तृत विवरण
मीणा जनजाति
- राजस्थान में सर्वाधिक जनसंख्या वाली जनजाति।
- मुख्य निवास स्थान: जयपुर, सवाई माधोपुर एवं उदयपुर जिले।
- राज्य की कुल मीणा जनसंख्या का 51.19% इन तीन जिलों में निवास करता है।
- अन्य क्षेत्र: चित्तौड़गढ़, बूंदी, कोटा एवं अन्य राज्य।
- मीणा जनजाति में संयुक्त परिवार प्रणाली पाई जाती है।
कथौड़ी जनजाति
- मुख्य निवास स्थान: बाराँ जिला तथा दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान।
- मुख्य व्यवसाय: खैर के वृक्षों से कत्था तैयार करना।
कालबेलिया जनजाति
- मुख्य व्यवसाय: साँप पकड़ना एवं साँप का खेल दिखाना।
- यह जनजाति संघरे (खानाबदोश) होते हैं।
सहरिया जनजाति
- राजस्थान की एकमात्र आदिम जनजाति (Particularly Vulnerable Tribal Group - PVTG)।
- मुख्य निवास स्थान: बाराँ व कोटा जिले।
- सहरिया शब्द की उत्पत्ति पारसी भाषा के शब्द 'सहर' से हुई है, जिसका अर्थ 'जगह' होता है।
- इनके मुखिया को 'कोतवाल' कहा जाता है।
- यह जनजाति हिन्दू धर्मावलंबी है तथा हिन्दू देवी-देवताओं की पूजा करती है।