राजस्थानी चित्रकला (शैलियाँ एवं कलाकार)
1 min read
56 views
05 Jul 2026
Rajasthan GK
राजस्थानी चित्रकला की प्रमुख शैलियाँ (मेवाड़, मारवाड़, किशनगढ़, बूंदी, कोटा, जयपुर आदि), संबंधित कलाकार, विषय एवं प्रमुख रंग। लोक चित्रकला (गुदना, पाना, मांडणा, कावड़) की विस्तृत जानकारी।
Table of Contents
Key Points
- किशनगढ़ शैली के प्रसिद्ध चित्रकार — निहालचंद (बानी-ठनी के लिए प्रसिद्ध)
- मेवाड़ शैली के प्रसिद्ध चित्रकार — साहिबदीन (भागवत पुराण, रास मण्डल)
- नाथद्वारा शैली — पिछवाई चित्रों के लिए प्रसिद्ध
- मारवाड़ शैली का प्रमुख विषय — ढोला मारू (लोकगाथा)
- हाड़ौती शैली — शिकार दृश्यों (हंटिंग सीन) के लिए प्रसिद्ध
- लोक चित्रकला में मांडणा — राजस्थान की प्राचीनतम लोक चित्रकला
- ब्लू पॉटरी (जयपुर) — GI टैग प्राप्त
राजस्थानी चित्रकला की शैलियाँ
प्रमुख चित्रकला शैलियाँ
- मेवाड़ शैली — उदयपुर, नाथद्वारा, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा
- मारवाड़ शैली — जोधपुर, बीकानेर, किशनगढ़, जैसलमेर, पाली, नागौर
- हाड़ौती शैली — कोटा, बूंदी, झालावाड़
- ढूंढाड़ शैली — जयपुर, आमेर, शेखावाटी, अलवर, करौली
- किशनगढ़ शैली — किशनगढ़ (अजमेर)
- नाथद्वारा शैली — नाथद्वारा (राजसमन्द)
- बीकानेर शैली — बीकानेर
- जयपुर शैली — जयपुर
- कोटा शैली — कोटा
- बूंदी शैली — बूंदी
- अलवर शैली — अलवर
- देवगढ़ शैली — देवगढ़ (राजसमन्द)
पृष्ठभूमि के आधार पर चित्रकला का विभाजन
- कपड़े पर निर्मित चित्र — पटवित, फड़
- कागज पर निर्मित चित्र — पाना
- लकड़ी पर निर्मित चित्र — भित्त, पथवारी
- मानव शरीर पर निर्मित चित्र — गुदना, मेहंदी
- मिट्टी के पात्रों पर चित्र — खिलौने, मृदभांड
- भूमि पर निर्मित चित्र — मांडणा, रंगोली
विभिन्न शैलियों के विवरण (क्षेत्र, विषय, कलाकार, प्रमुख रंग)
| शैली | क्षेत्र | प्रमुख विषय | प्रमुख कलाकार | प्रमुख रंग |
|---|---|---|---|---|
| मेवाड़ शैली | उदयपुर, नाथद्वारा, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा | रामायण, पुराण, भागवत कथा, गीत गोविन्द, सूरसागर, रसिक प्रिया, कालिया दमन, गजेन्द्रमोक्ष | कृपाराम, मनोहर, रामप्रताप, साहिबदीन, नासिरुद्दीन, गंगाराम, भैरोराम | लाल एवं काला |
| मारवाड़ शैली | जोधपुर, बीकानेर, किशनगढ़, जैसलमेर, पाली, नागौर | रामायण, महाभारत, ढोला मारू, दरबारी दृश्य | नारायणदास भाटी, किशनदास भाटी, शिवदास, देवदास | पीला एवं सफेद |
| हाड़ौती शैली (कोटा-बूंदी) | कोटा, बूंदी, झालावाड़ | पौराणिक कथाएँ, बारहमासा, कृष्ण लीला, नायिका भेद, राग-रागिनी, शिकार दृश्य | अहमद अली, कृष्ण, सूरजन, डालू, हंसराज जोशी | लाल, हरा एवं सफेद |
| ढूंढाड़ शैली | जयपुर, आमेर, शेखावाटी, अलवर, करौली | बारहमासा, नायिका भेद, रास लीला, राग-रागिनी, दरबारी दृश्य | सालिगराम, लक्ष्मणराम, साहबराम, हुकुमचन्द, गोविन्द हीरानंद | सुनहरा, नील, हरा, पीला, लाल |
| किशनगढ़ शैली | किशनगढ़ (अजमेर) | राधा-कृष्ण लीला, नायिका भेद, बानी-ठनी | निहालचंद, अमीरचन्द, धन्या, छोटू | नीला, हरा, पीला |
| नाथद्वारा शैली | नाथद्वारा (राजसमन्द) | पिछवाई चित्र, कृष्ण लीला, झाँकियाँ | खुबीराम, धर्मशर्म, रेखाशर्म, पुरुषोत्तम | लाल, पीला |
| बीकानेर शैली | बीकानेर | मुगल शैली का प्रभाव, लघुचित्र | मध्येणा परिवार, उत्तरा परिवार | नीला, हरा |
लोक चित्रकला की प्रमुख विधाएँ
- गुदना — शरीर पर नाम, बेल-बूटे खुदवाना
- पाना — कागज पर बने देवी-देवताओं के चित्र
- कावड़ — मन्दिरों की यात्रा से संबंधित चित्रावली
- पथवारी — तुलसी चबूतरे पर बनाई जाने वाली चित्रकारी
- सांझी — गोबर से बनाई जाने वाली चित्रकारी
- मांडणा — त्योहारों पर पूजा स्थल या चौक पर बनाया जाने वाला चित्र
- फड़ — कपड़े पर बनी चित्रावली (पाबूजी, देवनारायण आदि)
- पट — कपड़े पर बने देवी-देवताओं के चित्र
प्रमुख चित्र एवं उनकी शैली
- सुन्दर शृंगार — मेवाड़ शैली
- रागिनी वसंत — मेवाड़ शैली
- भागवत पुराण — मेवाड़ शैली (साहिबदीन)
- गोवर्धन धारण — मेवाड़ शैली (मनोहर)
- बानी-ठनी — किशनगढ़ शैली (निहालचंद)