राजस्थान में किसान एवं जनजातीय आंदोलन
Table of Contents
- राजस्थान में किसान आंदोलन
- बिजौलिया किसान आंदोलन
- बेगूं किसान आंदोलन, मेवाड़ (1921 ई.)
- भरतपुर किसान आंदोलन
- मेव किसान आंदोलन
- अलवर किसान आंदोलन एवं नीमूचाणा हत्याकांड
- बूंदी किसान आंदोलन
- जयपुर किसान आंदोलन
- मारवाड़ किसान आंदोलन
- बीकानेर किसान आंदोलन
- जनजातीय आंदोलन
- 1. भील आंदोलन
- 2. मीना आंदोलन
- राजस्थान के प्रमुख आंदोलन एवं प्रजामंडल
- प्रमुख आंदोलनों की सारणी
- प्रजामंडल आंदोलन सारणी
- स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान स्थापित संस्थाएँ
- स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान प्रकाशित प्रमुख समाचार-पत्र
Key Points
- बिजौलिया किसान आंदोलन (भीलवाड़ा) का नेतृत्व मुख्य रूप से विजय सिंह पथिक ने किया और यह तीन चरणों में चला।
- महात्मा गांधी ने अलवर के नीमूचाणा हत्याकांड (14 मई, 1925) को 'जलियाँवाला बाग हत्याकांड से भी वीभत्स' बताया था।
- गोविंद गुरु ने 1903 ई. में 'सम्प सभा' की स्थापना की, जो भील जनजातीय आंदोलन का मुख्य आधार बनी।
- मोतीलाल तेजावत ने 1921 ई. में 'एकी आंदोलन' का सूत्रपात किया, जिन्हें 'मेवाड़ का गांधी' भी कहा जाता है।
- जयपुर प्रजामंडल की स्थापना सर्वप्रथम 1931 ई. में कपूरचंद पाटनी द्वारा की गई थी।
- जयनारायण व्यास द्वारा संपादित 'आगीबाण' (1932) राजस्थानी भाषा का प्रथम राजनीतिक समाचार-पत्र था।
राजस्थान में किसान आंदोलन
बिजौलिया किसान आंदोलन
बिजौलिया वर्तमान में भीलवाड़ा जिले में स्थित है, जो मेवाड़ राज्य में प्रथम श्रेणी का ठिकाना था। यहाँ के कृषकों में अधिकांश धाकड़ जाति के लोग थे। इस आंदोलन का अध्ययन तीन चरणों में किया जाता है:
- प्रथम चरण (1897 ई. से 1915 ई.): स्थानीय नेतृत्व द्वारा संचालित।
- द्वितीय चरण (1915 ई. से 1923 ई.): विजय सिंह पथिक द्वारा नेतृत्व संभाला गया।
- तीसरा चरण (परभाव काल): जो 1941 ई. में समाप्त हुआ।
इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य जागीरदारों द्वारा लगाए गए ऊँचे लगान (भूमिकर), लाग-बाग और बेगार प्रथा के विरुद्ध न्याय प्राप्त करना था।
बेगूं किसान आंदोलन, मेवाड़ (1921 ई.)
बिजौलिया आंदोलन से प्रेरणा पाकर बेगूं के किसानों ने रामनारायण चौधरी के नेतृत्व में 1921 ई. में आंदोलन शुरू किया। बेगूं के ठाकुर अनूप सिंह एवं राजस्थान सेवा संघ के मध्य एक समझौता हुआ, जिसे 'बोल्शेविक समझौते' की संज्ञा दी गई।
भरतपुर किसान आंदोलन
भरतपुर राज्य में 1931 ई. में नया भूमि बन्दोबस्त लागू होने से भू-राजस्व में भारी वृद्धि हुई। इसके विरोध में 23 नवम्बर, 1931 को 'भोजी लम्बरदार' के नेतृत्व में 500 किसान भरतपुर में एकत्रित हुए। नवम्बर, 1931 में भोजी लम्बरदार की गिरफ्तारी के बाद यह आंदोलन समाप्त हो गया।
मेव किसान आंदोलन
अलवर और भरतपुर क्षेत्र में मोहम्मद हादी ने 1932 ई. में 'अन्जुमन खादिम उल इस्लाम' नामक संस्था स्थापित कर इस आंदोलन को संगठित रूप दिया। इसका नेतृत्व गुड़गांव के 'चौधरी यासीन खान' द्वारा किया गया, जिनके कहने पर किसानों ने खरीफ फसल का लगान देना बंद कर दिया था।
अलवर किसान आंदोलन एवं नीमूचाणा हत्याकांड
अलवर रियासत में जंगली सुअरों को मारने पर पाबंदी थी, जो किसानों की खड़ी फसल बर्बाद करते थे। इसके विरोध में 1921 ई. में आंदोलन शुरू हुआ और अंततः सरकार ने सुअर मारने की इजाजत दे दी।
नीमूचाणा हत्याकांड: 1923-24 में महाराजा जयसिंह ने लगान की दरें बढ़ा दीं। इसके विरोध में 14 मई, 1925 को अलवर के नीमूचाणा गाँव में एकत्रित हुए लगभग 800 किसानों पर सैनिक बलों ने अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए। महात्मा गांधी ने इस कांड को 'जलियाँवाला बाग हत्याकांड से भी वीभत्स' (डायरवाद से गहरा एवं व्यापक) कहा।
बूंदी किसान आंदोलन
अप्रैल, 1922 ई. में बूंदी राज्य के बरड़ क्षेत्र के किसानों ने बूंदी प्रशासन के विरुद्ध आंदोलन शुरू किया। इसका नेतृत्व राजस्थान सेवा संघ के कर्मठ कार्यकर्ता नैनूराम शर्मा के हाथों में था।
जयपुर किसान आंदोलन
जयपुर रियासत में किसान आंदोलन का मूल केन्द्र पश्चिमी भाग में स्थित शेखावटी, तोरावटी, साँभर, सीकर और खेतड़ी के ठिकाने थे। सीकर व शेखावटी के दीर्घकालीन किसान संघर्ष का अंत मार्च, 1947 ई. में जयपुर में हीरालाल शास्त्री के नेतृत्व में लोकप्रिय सरकार के गठन के साथ हुआ।
मारवाड़ किसान आंदोलन
मई, 1938 ई. में मारवाड़ लोक परिषद की स्थापना हुई, जिसने किसानों की माँगों का जोरदार समर्थन किया। जागीरदारों के दमन के बावजूद यह आंदोलन 1947 ई. तक जारी रहा।
बीकानेर किसान आंदोलन
सीमा से जुड़े सीकर क्षेत्र और शेखावटी के जाट आंदोलनों का बीकानेर राज्य के जाट किसानों पर व्यापक प्रभाव पड़ा। बीकानेर के अनेक जाट प्रतिनिधियों ने 20 से 29 जनवरी, 1934 ई. को सीकर में आयोजित विशाल जाट प्रजापति महायज्ञ में भाग लिया। इस आंदोलन के प्रमुख नेता हनुमानसिंह थे।
---जनजातीय आंदोलन
1. भील आंदोलन
- प्रभावित क्षेत्र: मेवाड़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, सिरोही।
- अवधि: 1881 ई., 1913 ई. व 1921-22 ई.
- प्रमुख नेता: सुर्जी भगत, गोविन्द गुरु (1903 में 'सम्प सभा' की स्थापना) और मोती लाल तेजावत (उपनाम: मेवाड़ का गांधी, जिन्होंने 1921 में एकी आंदोलन का सूत्रपात किया)।
- नारा: मारेंगे या मरेंगे।
2. मीना आंदोलन
- प्रभावित क्षेत्र: अलवर, भरतपुर, दक्षिणी जयपुर।
- अवधि: 1924-52 ई. (कुल 28 वर्ष)
- प्रमुख नेता: छोटूलाल झरबाला, महादेव राम पवड़ी, जवाहर राम।
राजस्थान के प्रमुख आंदोलन एवं प्रजामंडल
प्रमुख आंदोलनों की सारणी
| आंदोलन | वर्ष | नेतृत्व |
|---|---|---|
| जाट किसान आंदोलन, मातृकुण्डिया | 1880 | जाट किसान |
| भगत आंदोलन | 1883 | गुरु गोविन्द गिरि |
| बिजौलिया किसान आंदोलन | 1917 | विजयसिंह पथिक, माणिक्यलाल वर्मा, रामनारायण चौधरी |
| एकी या भोमट भील आंदोलन | 1920 | मोतीलाल तेजावत |
| मारवाड़ का तौल आंदोलन | 1920-21 | चान्दमल सुराणा |
| मारवाड़ का कृषक आंदोलन | 1923 | जयनारायण व्यास |
| नीमूचाणा किसान आंदोलन | 1925 | मेव किसान |
| शेखावटी किसान आंदोलन | 1925 | रामनारायण चौधरी, नेतराम सिंह |
| बूंदी किसान आंदोलन | 1926 | नयनूराम शर्मा |
| शुद्धि आंदोलन | 1928 | ठाकुर देशराज |
| बीकानेर षड्यन्त्र अभियोग | 1931 | चन्दनमल बहड़ |
| मेव किसान आंदोलन | 1923 | डॉ. मोहम्मद अली |
| मीणा आंदोलन | 1945 | ठक्कर बापा |
| बीकानेर किसान आंदोलन | 1946 | कुम्भाराम आर्य |
| डाबड़ा काण्ड, डीडवाना | 1947 | मथुरादास माथुर, मोतीलाल चौधरी |
| रास्तापाल काण्ड, डूंगरपुर | 1947 | नानाभाई खांट, कालीबाई |
प्रजामंडल आंदोलन सारणी
| प्रजामंडल का नाम | स्थापना | संस्थापक/अध्यक्ष | प्रजामंडल का नाम | स्थापना | संस्थापक/अध्यक्ष |
|---|---|---|---|---|---|
| जयपुर प्रजामंडल | 1931 | कपूंरचन्द पाटनी (1936-37 जमनालाल बजाज) | अलवर राज्य प्रजामंडल | 1938 | हरिनारायण शर्मा |
| बूंदी प्रजामंडल | 1931 | कांतिलाल | सिरोही प्रजामंडल | 1939 | गोकुलभाई भट्ट |
| मारवाड़ प्रजामंडल | 1934 | भँवरलाल सर्राफ | करौली प्रजामंडल | 1939 | त्रिलोकचन्द माथुर |
| कोटा राज्य प्रजामंडल | 1934 | नयनूराम शर्मा | जैसलमेर राज्य प्रजा परिषद | 1939 | शिवशंकर गोपा |
| बीकानेर राज्य प्रजामंडल | 1936 | मघाराम वैद्य | किशनगढ़ प्रजामंडल | 1939 | कांतिलाल चौथानी |
| धौलपुर प्रजामंडल | 1936 | कृष्णदत्त पालीवाल | बीकानेर राज्य प्रजा परिषद | 1942 | रघुवरदयाल गोयल |
| मेवाड़ प्रजामंडल | 1938 | बलवन्त सिंह मेहता | कुशलगढ़ प्रजामंडल | 1942 | भँवरलाल निगम |
| मारवाड़ लोकपरिषद | 1938 | रणछोड़दास गट्टानी | बांसवाड़ा प्रजामंडल | 1943 | भूपेन्द्रनाथ त्रिवेदी |
| भरतपुर प्रजामंडल | 1938 | गोपीलाल यादव | बूंदी राज्य लोकपरिषद | 1944 | हरिमोहन माथुर |
| शाहपुरा प्रजामंडल | 1938 | रमेशचन्द्र ओझा | डूंगरपुर प्रजामंडल | 1944 | भोगीलाल पण्ड्या |
| जैसलमेर राज्य प्रजामंडल | 1945 | मीठालाल व्यास | प्रतापगढ़ प्रजामंडल | 1945 | चुन्नीलाल एवं अमृतलाल |
| झालावाड़ प्रजामंडल | 1946 | मांगीलाल भव्य | - | - | - |
स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान स्थापित संस्थाएँ
| संस्था | वर्ष | संस्थापक |
|---|---|---|
| सम्प सभा | 1883 | गुरु गोविन्द गिरि |
| सर्वहितकारिणी सभा, बीकानेर | 1907 | कन्हैयालाल ढूँढ एवं स्वामी गोपालदास |
| वर्धमान विद्यालय समिति, जयपुर | 1907 | अर्जुनलाल सेठी |
| हिन्दी साहित्य समिति, भरतपुर | 1912 | जगन्नाथ सेठी |
| ऊपरमाल पंच बोर्ड, बिजौलिया | 1917 | विजयसिंह पथिक |
| मारवाड़ सेवा संघ, जोधपुर | 1920 | चान्दमल सुराणा |
| राजस्थान सेवा संघ, अजमेर | 1920 | अर्जुनलाल सेठी, केसरीसिंह बारहठ, रामनारायण चौधरी, हरिभाऊ किंकर और विजयसिंह पथिक |
| नागरी प्रचारिणी सभा, धौलपुर | 1934 | माणिक्यलाल वर्मा |
| राजपूताना मध्य भारत सभा | — | जमनालाल बजाज की अध्यक्षता में |
| वीर भारत समाज | — | विजयसिंह पथिक |
| सर्व सेवा संघ | — | सिद्धराज ढड्ढा |
| बागड़ सेवा संघ, डूंगरपुर | 1935 | गौरीशंकर उपाध्यक्ष और भोगीलाल पण्ड्या |
| सेवा संघ | — | भोगीलाल पण्ड्या |
| हरिजन सेवा समिति, डूंगरपुर | 1935 | भोगीलाल पण्ड्या |
| भील सेवा मण्डल | — | विट्ठलदास ठाकुर |
स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान प्रकाशित प्रमुख समाचार-पत्र
| समाचार-पत्रों के नाम | वर्ष | स्थान | संपादक |
|---|---|---|---|
| राजस्थान समाचार (साप्ताहिक) | 1889 | अजमेर | मुंशी समर्थदानदान |
| राजस्थान केसरी (दैनिक) | 1920 | वर्धा | विजयसिंह पथिक |
| नवीन राजस्थान (साप्ताहिक) | 1921 | अजमेर | विजयसिंह पथिक (बाद में नाम बदलकर तरुण राजस्थान किया गया) |
| राजस्थान | 1923 | ब्यावर | ऋषिदत्त मेहता |
| आगीबाण | 1932 | ब्यावर | जयनारायण व्यास (राजस्थानी भाषा का प्रथम राजनीतिक समाचार-पत्र) |
| नवज्योति (साप्ताहिक) | 1936 | अजमेर | रामनारायण चौधरी |
| प्रजासेवक (साप्ताहिक) | — | जोधपुर | अचलेश्वर प्रसाद शर्मा |
| राजपूताना गजट | — | अजमेर | मौलवी मुराद अली |
| राजस्थान टाइम्स (अंग्रेजी में) | — | जयपुर | वासुदेव शर्मा |
| जयपुर समाचार (दैनिक) | 1942 | जयपुर | श्यामलाल वर्मा |
| लोकवाणी (साप्ताहिक) | 1943 | जयपुर | देवीशंकर तिवारी |