आधुनिक आवर्त सारणी (Modern Periodic Table): तत्वों का वर्गीकरण और धातु-अधातु के गुण
Table of Contents
- आधुनिक आवर्त सारणी का परिचय
- आधुनिक आवर्त नियम
- आवर्त सारणी की संरचना
- आवर्त (Periods)
- समूह (Groups)
- तत्वों का वर्गीकरण
- s-ब्लॉक तत्व
- p-ब्लॉक तत्व
- d-ब्लॉक तत्व
- f-ब्लॉक तत्व
- धातु, अधातु और उपधातु
- धातुओं के गुण
- अधातुओं के गुण
- उपधातु (Metalloids)
- आवर्तिक गुण
- परमाणु त्रिज्या
- आयनीकरण ऊर्जा
- इलेक्ट्रॉन बंधुता
- विद्युत ऋणात्मकता
- महत्वपूर्ण समूहों के गुण
- क्षार धातुएं (समूह 1)
- हैलोजन (समूह 17)
- उत्कृष्ट गैसें (समूह 18)
Key Points
- आधुनिक आवर्त सारणी परमाणु क्रमांक के आधार पर व्यवस्थित है
- सारणी में 7 आवर्त और 18 समूह हैं
- तत्वों को s, p, d, f ब्लॉकों में वर्गीकृत किया गया है
- धातु, अधातु और उपधातु के विशिष्ट गुण होते हैं
- आवर्तिक गुण जैसे परमाणु त्रिज्या और आयनीकरण ऊर्जा नियमित पैटर्न दिखाते हैं
आधुनिक आवर्त सारणी का परिचय
आधुनिक आवर्त सारणी तत्वों के परमाणु क्रमांक (Atomic Number) के आधार पर बनाई गई है। इसका निर्माण हेनरी मोजले (Henry Moseley) के परमाणु संख्या के सिद्धांत पर आधारित है। वर्तमान में ज्ञात 118 तत्वों को इस सारणी में व्यवस्थित किया गया है।
आधुनिक आवर्त नियम
'तत्वों के भौतिक और रासायनिक गुण उनके परमाणु क्रमांक के आवर्ती फलन हैं।' यह आधुनिक आवर्त नियम कहलाता है। यह नियम मेंडलीफ के आवर्त नियम की कमियों को दूर करता है।
आवर्त सारणी की संरचना
आवर्त (Periods)
आवर्त सारणी में 7 क्षैतिज पंक्तियां हैं जो आवर्त कहलाती हैं:
- पहला आवर्त: 2 तत्व (H, He) - सबसे छोटा आवर्त
- दूसरा आवर्त: 8 तत्व (Li से Ne तक)
- तीसरा आवर्त: 8 तत्व (Na से Ar तक)
- चौथा आवर्त: 18 तत्व (K से Kr तक)
- पांचवा आवर्त: 18 तत्व (Rb से Xe तक)
- छठा आवर्त: 32 तत्व (Cs से Rn तक)
- सातवां आवर्त: 32 तत्व (Fr से Og तक)
समूह (Groups)
आवर्त सारणी में 18 ऊर्ध्वाधर स्तंभ हैं जो समूह कहलाते हैं। प्रत्येक समूह के तत्वों के बाहरी कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है।
| समूह संख्या | नाम | मुख्य तत्व | बाहरी इलेक्ट्रॉन |
|---|---|---|---|
| 1 | क्षार धातु | Li, Na, K | ns¹ |
| 2 | क्षारीय मृदा धातु | Be, Mg, Ca | ns² |
| 17 | हैलोजन | F, Cl, Br | ns²np⁵ |
| 18 | उत्कृष्ट गैसें | He, Ne, Ar | ns²np⁶ |
तत्वों का वर्गीकरण
s-ब्लॉक तत्व
समूह 1 और 2 के तत्व s-ब्लॉक में आते हैं। इनके अंतिम इलेक्ट्रॉन s-उपकोश में भरे जाते हैं।
- समूह 1: क्षार धातुएं (Li, Na, K, Rb, Cs, Fr)
- समूह 2: क्षारीय मृदा धातुएं (Be, Mg, Ca, Sr, Ba, Ra)
p-ब्लॉक तत्व
समूह 13 से 18 तक के तत्व p-ब्लॉक में आते हैं। इनके अंतिम इलेक्ट्रॉन p-उपकोश में भरे जाते हैं।
d-ब्लॉक तत्व
समूह 3 से 12 तक के तत्व d-ब्लॉक में आते हैं। ये संक्रमण तत्व कहलाते हैं।
f-ब्लॉक तत्व
लैंथेनाइड और एक्टिनाइड श्रृंखला के तत्व f-ब्लॉक में आते हैं।
धातु, अधातु और उपधातु
धातुओं के गुण
- भौतिक गुण:
- चमकदार सतह (धात्विक चमक)
- विद्युत और ऊष्मा के अच्छे चालक
- आघातवर्ध्य और तन्य
- सामान्यतः ठोस अवस्था में पाई जाती हैं
- उच्च गलनांक और क्वथनांक
- रासायनिक गुण:
- इलेक्ट्रॉन देने की प्रवृत्ति (धनात्मक आयन बनाते हैं)
- क्षारीय ऑक्साइड बनाते हैं
- अम्लों के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस मुक्त करते हैं
अधातुओं के गुण
- भौतिक गुण:
- चमकहीन (ब्रोमीन और आयोडीन अपवाद हैं)
- विद्युत और ऊष्मा के कुचालक
- भंगुर प्रकृति
- गैसीय या ठोस अवस्था में पाए जाते हैं
- निम्न गलनांक और क्वथनांक
- रासायनिक गुण:
- इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृत्ति
- अम्लीय ऑक्साइड बनाते हैं
- हाइड्रोजन के साथ सहसंयोजी यौगिक बनाते हैं
उपधातु (Metalloids)
धातु और अधातु के बीच की गुण वाले तत्व उपधातु कहलाते हैं। मुख्य उपधातु हैं:
- बोरॉन (B)
- सिलिकॉन (Si)
- जर्मेनियम (Ge)
- आर्सेनिक (As)
- एंटिमनी (Sb)
- टेल्यूरियम (Te)
आवर्तिक गुण
परमाणु त्रिज्या
आवर्त में बाएं से दाएं परमाणु त्रिज्या घटती है क्योंकि परमाणु संख्या बढ़ने से नाभिकीय आकर्षण बल बढ़ता है।
आयनीकरण ऊर्जा
आवर्त में बाएं से दाएं आयनीकरण ऊर्जा बढ़ती है। समूह में ऊपर से नीचे घटती है।
इलेक्ट्रॉन बंधुता
आवर्त में सामान्यतः बाएं से दाएं बढ़ती है। हैलोजन की इलेक्ट्रॉन बंधुता सर्वाधिक होती है।
विद्युत ऋणात्मकता
फ्लोरीन की विद्युत ऋणात्मकता सर्वाधिक (4.0) है। आवर्त में बाएं से दाएं बढ़ती है।
महत्वपूर्ण समूहों के गुण
क्षार धातुएं (समूह 1)
अत्यधिक अभिक्रियाशील, जल के साथ तीव्र अभिक्रिया, +1 ऑक्सीकरण अवस्था।
हैलोजन (समूह 17)
अत्यधिक अभिक्रियाशील अधातुएं, -1 ऑक्सीकरण अवस्था, द्विपरमाणुक अणु।
उत्कृष्ट गैसें (समूह 18)
रासायनिक रूप से निष्क्रिय, पूर्ण बाहरी कोश, एकपरमाणुक अणु।