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महासागरीय धाराएँ, प्रवाल भित्तियाँ एवं विश्व के 7 महाद्वीप

1 min read 45 views 06 Jul 2026 World Geography
कक्षा VI-XII NCERT सार संकलन पर आधारित महासागरीय जलधाराएँ, एल-निनो, ला-निना, प्रवाल भित्तियों के प्रकार एवं विश्व के सातों महाद्वीपों (एशिया से अंटार्कटिका) के विस्तृत भौगोलिक नोट्स।
Table of Contents
  1. भाग 1: महासागरीय धाराएँ, एल-निनो प्रभाव एवं प्रवाल भित्तियाँ
  2. 1. महासागरों की प्रमुख धाराएँ
  3. भाग 2: विश्व के महाद्वीप (एशिया एवं अफ्रीका) — क्षेत्रीय भूगोल
  4. 1. एशिया महाद्वीप (Asia)
  5. 2. अफ्रीका महाद्वीप (Africa) — 'काला या अन्ध महाद्वीप'
  6. भाग 3: उत्तरी अमेरिका एवं दक्षिणी अमेरिका महाद्वीप
  7. 1. उत्तरी अमेरिका महाद्वीप (North America)
  8. उत्तरी अमेरिका की प्रमुख पर्वत श्रेणियाँ
  9. 2. दक्षिणी अमेरिका महाद्वीप (South America)
  10. भाग 4: यूरोप, ऑस्ट्रेलिया एवं अंटार्कटिका महाद्वीप
  11. 1. यूरोप महाद्वीप (Europe) — 'प्रायद्वीपों का महाद्वीप'
  12. 2. ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप (Australia) — 'द्वीपीय महाद्वीप'
  13. 3. अंटार्कटिका महाद्वीप (Antarctica) — 'विज्ञान के लिए समर्पित महाद्वीप'
Key Points
  • महासागरीय जलधाराएँ दो प्रकार की होती हैं— गर्म जलधाराएँ जो भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर चलती हैं, और ठण्डी जलधाराएँ जो ध्रुवों से भूमध्य रेखा की ओर बहती हैं.
  • प्रशांत महासागर की गर्म जलधारा एल-निनो के प्रभाव से भारतीय प्रायद्वीप पर उच्चदाब बनता है, जिससे भारत में सूखे की स्थिति उत्पन्न होती है.
  • विश्व की सबसे बड़ी अवरोधक प्रवाल भित्ति (Barrier Reef) ऑस्ट्रेलिया के उत्तर-पूर्वी तट पर स्थित 'ग्रेट बैरियर रीफ' है.
  • एशिया विश्व का सबसे बड़ा महाद्वीप है जहाँ विश्व का सबसे ऊँचा शिखर माउंट एवरेस्ट (8,848 मी.) और सबसे ऊँचा पठार पामीर स्थित हैं.
  • अफ्रीका एकमात्र ऐसा महाद्वीप है जिससे कर्क, मकर और भूमध्य रेखा तीनों गुजरती हैं, तथा यहाँ विश्व की सबसे लंबी नील नदी और किम्बरले हीरे की खान स्थित हैं.
  • उत्तरी अमेरिका के शीतोष्ण घास के मैदान 'प्रेअरी' कहलाते हैं, जबकि कनाडा का विनिपेग नगर विश्व में गेहूँ की मण्डी के नाम से विख्यात है.
  • दक्षिणी अमेरिका में अपवाह क्षेत्र की दृष्टि से विश्व की सबसे बड़ी अमेजन नदी और शुष्कतम अटाकामा मरुस्थल स्थित हैं.
  • यूरोप महाद्वीप में एक भी मरुस्थल नहीं पाया जाता है, तथा यहाँ की सबसे लम्बी नदी वोल्गा है.
  • ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप को 'द्वीपीय महाद्वीप' कहा जाता है, जहाँ कालकूर्ली और कूलगार्डी नामक प्रसिद्ध सोने की खानें स्थित हैं.
  • अंटार्कटिका महाद्वीप में भारत के तीन प्रमुख अनुसंधान केन्द्र 'दक्षिण गंगोत्री', 'मैत्री' और 'भारती' स्थापित हैं.

भाग 1: महासागरीय धाराएँ, एल-निनो प्रभाव एवं प्रवाल भित्तियाँ

महासागरों की सतह पर एक निश्चित दिशा में बहुत अधिक दूर तक बहने वाले जल को महासागरीय धारा (Ocean Currents) कहते हैं. ये दो प्रकार की होती हैं— गर्म (Warm) एवं ठण्डी (Cold). जो धाराएँ भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर चलती हैं वे गर्म होती हैं तथा मार्ग क्षेत्र का ताप बढ़ा देती हैं, और जो ध्रुवों से भूमध्य रेखा की ओर चलती हैं वे ठण्डी होती हैं तथा ताप घटा देती हैं. उत्तरी गोलार्द्ध में धाराएँ दाहिनी ओर तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में बाईं ओर (कॉरिऑलिस बल के प्रभाव से) प्रवाहित होती हैं.

1. महासागरों की प्रमुख धाराएँ

अटलांटिक महासागर की धाराएँ प्रकृति प्रशाँत महासागर की धाराएँ प्रकृति हिन्द महासागर की धाराएँ प्रकृति
उत्तरी विषुवतीय जलधारा उष्ण / गर्म उत्तरी विषुवतीय जलधारा उष्ण / गर्म दक्षिणी विषुवतीय जलधारा गर्म एवं स्थायी
फ्लोरिडा की धारा / गल्फ स्ट्रीम उष्ण / गर्म उत्तरी प्रशाँत प्रवाह / अलास्का गर्म मोजाम्बिक धारा / अगुलहास धारा गर्म एवं स्थायी
नॉर्वे की जलधारा उष्ण / गर्म सुशीमा धारा गर्म पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया की धारा ठण्डी एवं स्थायी
लैब्राडोर की धारा / कनारी की धारा ठण्डी क्यूराइल (आयेशियो) जलधारा ठण्डी शीतकालीन मानसून प्रवाह परिवर्तनशील
ब्राजील की जलधारा / बेंगूएला धारा गर्म / ठण्डी हम्बोल्ट (पेरूवियन) धारा ठण्डी ग्रीष्मकालीन मानसून प्रवाह गर्म व परिवर्तनशील
  • सारगैसो सागर (Sargasso Sea) — उत्तरी अटलांटिक महासागर में उत्तर भूमध्य रेखीय धारा, गल्फस्ट्रीम तथा कनारी धारा द्वारा एक प्रतिचक्रवातीय प्रवाह क्रम पाया जाता है, जिसमें गतिहीन एवं शान्त जल में सारगैसम घास फैलती है. इसे सारगैसो सागर कहा जाता है, जिसे सर्वप्रथम स्पेन के नाविकों ने देखा था. इसका कोई तट नहीं है.
  • एल-निनो (El-Nino) & ला-निना (La-Nina) — एल-निनो पेरु के पश्चिमी तट से 200 किमी. दूर उत्तर से दक्षिण दिशा में चलने वाली एक गर्म जलधारा है, जिसके कारण पेरू में सामान्य से अधिक वर्षा होती है. जब एल-निनो का विस्तार प्रशाँत महासागर से हिन्द महासागर तक हो जाता है, तब हिन्द महासागर पर निम्न दाब और भारतीय प्रायद्वीप पर उच्चदाब बनता है, जिससे हवाएँ भारत से हिन्द महासागर की ओर चलने लगती हैं और भारत में सूखे की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. ला-निना इसके विपरीत एक ठण्डी विपरीत महासागरीय धारा है, जिसके आने से भारत में सामान्य मानसून से अधिक वर्षा होती है.
  • प्रवाल भित्तियाँ (Coral Reefs) — इनका निर्माण मूँगा (Corals) नामक समुद्री जीव द्वारा होता है जो संघ सिलेंट्रेटा का जीव है. इनके विकास के लिए 20-25°C तापक्रम, अवसाद मुक्त जल और 35% सामान्य महासागरीय लवणता की आवश्यकता होती है.
    • तटीय प्रवाल भित्ति (Fringing Reef) — महाद्वीपीय या द्वीपों के किनारे निर्मित होने वाली भित्ति, जैसे— मन्नार की खाड़ी, मलेशिया, अंडमान.
    • अवरोधक प्रवाल भित्ति (Barrier Reef) — समुद्री तट या द्वीप से कुछ हटकर इसके समानांतर स्थित भित्ति. विश्व की सबसे बड़ी अवरोधक प्रवाल भित्ति ऑस्ट्रेलिया के उत्तर-पूर्वी तट पर स्थित 'ग्रेट बैरियर रीफ' है, जिसकी लम्बाई 1900 किमी. व चौड़ाई 160 किमी. है.
    • वलयाकार प्रवाल भित्ति (Atoll) — किसी द्वीपीय जलमग्न पठार के चारों ओर अण्डाकार रूप में पाई जाने वाली भित्ति, जिसे प्रवाल वलय कहते हैं.

भाग 2: विश्व के महाद्वीप (एशिया एवं अफ्रीका) — क्षेत्रीय भूगोल

ए. वेगनर (A. Wagener) के महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धान्त के अनुसार प्रारम्भ में सभी महाद्वीप एक ही भू-भाग 'पेंजिया' (Pangea) के रूप में थे, जिसके चारों ओर पैंथलासा महासागर था. कालान्तर में पेंजिया उत्तरी लॉरेशिया और दक्षिणी गोंडवाना लैंड के दो हिस्सों में बंट गया. भारत गोंडवाना लैंड का ही भाग है. क्षेत्रफल के घटते क्रम में महाद्वीपों का क्रम है: एशिया > अफ्रीका > उत्तरी अमेरिका > दक्षिणी अमेरिका > अंटार्कटिका > यूरोप > ऑस्ट्रेलिया.

1. एशिया महाद्वीप (Asia)

  • भौगोलिक विशेषताएँ — यह विश्व का सबसे बड़ा महाद्वीप है जो संसार के भू-भाग का लगभग 29.5% है. इसके उत्तर में आर्कटिक सागर, दक्षिण में हिन्द महासागर, पूर्व में प्रशाँत महासागर तथा पश्चिम में यूराल पर्वत स्थित है. यहाँ विश्व की लगभग 60% जनसंख्या निवास करती है.
  • महत्वपूर्ण स्थल व आँकड़े:
    • विश्व का सबसे ऊँचा पर्वत शिखर: माउंट एवरेस्ट (8,848 मी.).
    • विश्व का सबसे ऊँचा पठार: पामीर का पठार (5,000 मी.), जिसे 'विश्व की छत' (Roof of the World) कहा जाता है.
    • विश्व का सबसे बड़ा प्रायद्वीप: अरब का प्रायद्वीप.
    • विश्व की सबसे गहरी झील: बैकाल झील (रूस).
    • विश्व की सबसे अधिक ऊँचाई पर स्थित खारे पानी की झील: पेनांग झील (लद्दाख व तिब्बत).
    • विश्व की सबसे बड़ी झील: कैस्पिरियन सागर.
    • एशिया में सर्वाधिक वर्षा वाला क्षेत्र: मासिनराम (मेघालय, भारत).
    • विश्व का सर्वाधिक डाकघर वाला देश: भारत.
    • विश्व का सर्वाधिक अभ्रक उत्खनित करने वाला देश: भारत (कोडरमा-झारखंड).
    • विश्व का सर्वाधिक टीन उत्खनित करने वाला देश: चीन.
    • एशिया में सबसे लंबा रेलमार्ग: ट्रांस साइबेरियन रेलमार्ग (9,400 किमी.).
    • एशिया का सबसे गर्म नगर: जैकोबाबाद (पाकिस्तान).
    • क्षेत्रफल की दृष्टि से एशिया का सबसे बड़ा देश चीन तथा सबसे छोटा देश मालदीव है.
    • एशिया की सबसे लम्बी नदी यांग्टीसीक्यांग है तथा फिलीपींस द्वीप समूह के पास विश्व की सबसे गहरी गर्त मेरियाना गर्त (11,033 मी.) स्थित है.

2. अफ्रीका महाद्वीप (Africa) — 'काला या अन्ध महाद्वीप'

  • भौगोलिक विशेषताएँ — यह विश्व का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है जो जिब्राल्टर जलसन्धि द्वारा यूरोप से पृथक होता है. यह एकमात्र ऐसा महाद्वीप है जिससे कर्क रेखा, मकर रेखा और भूमध्य रेखा तीनों गुजरती हैं. भूमध्य रेखा इसे दो बराबर भागों में बाँटती है. इस महाद्वीप में कुल 54 देश स्थित हैं.
  • नदियाँ, झीलें व मरुस्थल:
    • विश्व का सबसे विशाल उष्ण मरुस्थल: सहारा मरुस्थल, जिसका विस्तार अल्जीरिया, चाड, मिस्र, लीबिया, माली, मॉरिटानिया, मोरक्को, नाइजर आदि देशों में है.
    • विश्व की सबसे लम्बी नदी: नील नदी इसी महाद्वीप में स्थित है, जिसका उद्गम स्थल विक्टोरिया झील है.
    • अफ्रीका की झीलें: विक्टोरिया झील, टेंगानिका झील, न्यासा झील, चाड झील, नासिर झील. चाड झील सहारा मरुस्थल में स्थित है.
    • कांगो नदी भूमध्य रेखा को तथा लिम्पोपो नदी मकर रेखा को दो बार काटती है. कांगो नदी की सम्भाव्य जल विद्युत क्षमता विश्व में सर्वाधिक (16%) है.
    • अस्वान बाँध: नील नदी पर बना है. कांगो नदी पर स्टेनली जलप्रपात तथा जाम्बेजी नदी पर विक्टोरिया जलप्रपात स्थित है.
  • महत्वपूर्ण खनिज व जनजातियाँ:
    • अफ्रीका के सबसे ऊँचे पर्वत शिखर: किलिमंजारो > माउंट केन्या > मारघेटिटा > एसडार्शन > माउंट मेरु.
    • प्रमुख आदिम जातियाँ: बुशमैन (कालाहारी), पिग्मी (कांगो बेसिन), बद्दू (सहारा मरुस्थल).
    • खनिज सम्पदा: दक्षिण अफ्रीका की किम्बरले खान विश्व की सबसे बड़ी हीरे की खान है. विश्व का सबसे बड़ा हीरा 'कुलिनान हीरा' (3106 कैरेट) 1905 में सर थॉमस कुलिनान ने खोजा था. दक्षिण अफ्रीका क्रोमाइट, मैंगनीज, प्लेटिनम और वेनेडियम के उत्पादन में प्रमुख है. मोरक्को फॉस्फेट का महत्वपूर्ण उत्पादक देश है. नाइजीरिया को 'तेल-ताड़' (Palm Oil) की भूमि कहा जाता है.
    • मिस्र को एशिया और यूरोप महाद्वीप का जंक्शन कहा जाता है, तथा स्वेज नहर लाल सागर को भूमध्य सागर से जोड़ती है जिसका निर्माण 1869 में हुआ था. हॉर्न ऑफ अफ्रीका में इथियोपिया, सोमालिया एवं जिबूती देश आते हैं. मोरक्को, अल्जीरिया एवं ट्यूनीशिया को 'मग़रिब' कहा जाता है.

भाग 3: उत्तरी अमेरिका एवं दक्षिणी अमेरिका महाद्वीप

1. उत्तरी अमेरिका महाद्वीप (North America)

  • भौगोलिक विशेषताएँ — यह विश्व का तीसरा बड़ा महाद्वीप है जिसकी खोज 1492 ई. में कोलम्बस द्वारा की गई थी. इसका नाम अमेरिगो वेसपुक्की नामक साहसी यात्री के नाम पर रखा गया. ग्रीनलैंड इस महाद्वीप के पास स्थित विश्व का सबसे बड़ा द्वीप है. इसके शीतोष्ण घास के मैदान प्रेअरी (Prairie) कहलाते हैं, जहाँ गेहूँ का अत्यधिक उत्पादन होने के कारण इसे 'रोटी की टोकरी' (Bread Basket of World) कहते हैं.
  • नहरें, जलधाराएँ व चक्रवात:
    • पनामा नहर — यह अटलांटिक तथा प्रशाँत महासागरों के बीच जहाजों के यातायात को सुगम बनाती है, जिससे विश्व का 25% व्यापार होता है.
    • तटीय भाग में चक्रवात: मैक्सिको की खाड़ी में चलने वाले चक्रवात हरीकेन और टॉरनेडो कहलाते हैं.
    • जलधाराएँ: इसके पूर्वी तट पर लैब्राडोर ठण्डी जलधारा एवं गल्फस्ट्रीम गर्म जलधारा बहती है. यहाँ 'ग्रैंड बैंक' स्थित है जो प्रमुख मत्स्य पालन का केन्द्र है.
  • खनिज व उद्योग:
    • कनाडा का मॉन्ट्रियल कागज़ उद्योग का प्रमुख केन्द्र है, तथा अमेरिका का डेट्रॉइट कार उद्योग का प्रमुख केन्द्र है. अमेरिका में कैलिफ़ोर्निया का लॉस एंजिल्स नगर फिल्म उद्योग (हॉलीवुड) का केन्द्र है.
    • लोहे की प्रसिद्ध खान: मेसाबी खान (USA) तथा सोने की प्रसिद्ध खान: होमस्टेक खान (USA). विश्व में गेहूँ की मण्डी के नाम से विख्यात नगर विनिपेग (कनाडा) है. न्यूयार्क में स्थित 'ग्रैंड सेन्ट्रल टर्मिनल' विश्व का सबसे बड़ा स्टेशन है.

उत्तरी अमेरिका की प्रमुख पर्वत श्रेणियाँ

क्र.सं. पर्वत श्रेणियाँ स्थल / प्रांत सटीक अवस्थिति व विशेषता
1 ब्रूक्स श्रेणी अलास्का प्रान्त अलास्का के उत्तरी भाग में पश्चिम से पूर्व की ओर फैली पर्वत श्रेणी.
2 अलास्का श्रेणी अलास्का प्रान्त रॉकी की ही उत्तरी विस्तार, वलित पर्वत श्रेणी जहाँ उत्तरी अमेरिका की सर्वोच्च चोटी (माउंट मैकिनले) स्थित है.
3 मैकेन्जी श्रेणी कनाडा उत्तर-पश्चिमी कनाडा स्थित वलित पर्वत, रॉकी का विस्तार.
4 कोस्ट श्रेणी / कस्केड प्रशाँत तट / द.कनाडा व कैलिफ़ोर्निया संयुक्त राज्य अमेरिका एवं कनाडा के पश्चिमी तटीय भाग में रॉकी का विस्तार.
5 रॉकी पर्वत यूकोन (कनाडा) से अमेरिका उत्तरी अमेरिका में स्थित उत्तर से दक्षिण तक विस्तृत अल्पाइन क्रम का वलित पर्वत.
6 अप्लेशियन श्रेणी सेंट लॉरेंस की खाड़ी से अलाबामा सेंट लॉरेंस की खाड़ी से मध्य अलाबामा तक फैली प्राचीन वलित पर्वत श्रेणी.

2. दक्षिणी अमेरिका महाद्वीप (South America)

  • भौगोलिक विशेषताएँ — यह विश्व का चौथा बड़ा महाद्वीप है जिसका अधिकांश विस्तार दक्षिणी गोलार्द्ध में है. इस महाद्वीप में कुल 12 देश स्थित हैं. विषुवत रेखा इससे होकर गुजरती है. मध्य अमेरिका और पश्चिमी द्वीप समूह को मिलाकर इसे लैटिन अमेरिका कहा जाता है.
  • नदियाँ, मरुस्थल व घास के मैदान:
    • अमेजन नदी: अपवाह क्षेत्र की दृष्टि से विश्व की सबसे बड़ी नदी है जो ब्राजील में बहती है.
    • विश्व की सबसे लम्बी पर्वतमाला: एण्डीज पर्वतमाला (7200 किमी.) इसी महाद्वीप में स्थित है, जिसकी सबसे ऊँची चोटी एकांकागुआ है. चिली-अर्जेन्टीना सीमा पर विश्व का सबसे ऊँचा सक्रिय ज्वालामुखी ओजोसडेल सलाडो स्थित है.
    • घास के मैदान: सवाना क्षेत्र के मैदानों को वेनेजुएला में 'लानोज' तथा ब्राजील में 'कैम्पोस' कहते हैं. ब्राजील के कहवा (कॉफी) बागानों को 'फैजेंडा' कहा जाता है. ब्राजील का सांतोस बन्दरगाह 'कॉफी बन्दरगाह' के नाम से जाना जाता है.
    • मरुस्थल: चिली में विश्व का शुष्कतम मरुस्थल अटाकामा मरुस्थल स्थित है, तथा अर्जेन्टीना में पेटागोनिया का शीत मरुस्थल स्थित है.
    • झील: पेरू और बोलीविया की सीमा पर स्थित 'टिटिकाका झील' विश्व की सबसे अधिक ऊँचाई पर स्थित नौकायन झील है. बोलीविया की राजधानी लापाज विश्व की सबसे अधिक ऊँचाई पर स्थित राजधानी है. चिली की चुक्कीमाता खान ताँबे की विश्व की सबसे बड़ी खान है जो 3000 मी. की ऊँचाई पर स्थित है.

भाग 4: यूरोप, ऑस्ट्रेलिया एवं अंटार्कटिका महाद्वीप

1. यूरोप महाद्वीप (Europe) — 'प्रायद्वीपों का महाद्वीप'

  • भौगोलिक विशेषताएँ — क्षेत्रफल की दृष्टि से सातों महाद्वीपों में इसका छठा स्थान है, जिसमें कुल 46 देश हैं. यह तीन ओर से सागरों से घिरा होने के कारण प्रायद्वीपों का महाद्वीप कहलाता है. इसके उत्तर-पश्चिम में 'ब्रिटिश द्वीप' समूह स्थित है, जिसमें ग्रेट ब्रिटेन, आयरलैंड द्वीप व उत्तरी आयरलैंड मिलकर यूनाइटेड किंगडम (U.K.) बनाते हैं. यूरोप मरुस्थल विहीन महाद्वीप है.
  • नदियाँ, पर्वत व उद्योग:
    • यूरोप का सर्वोच्च शिखर: एल्बुर्ज (रूस) काकेशस पर्वत श्रेणी में स्थित है.
    • यूरोप की सबसे लम्बी नदी: वोल्गा नदी (3690 किमी.) है. दूसरी महत्वपूर्ण नदी डेन्यूक (2842 किमी.) है जो बुखारेस्ट, बुडापेस्ट, वियना, ब्रातिस्लावा और बेलग्रेड राजधानियों से होकर बहती है और काला सागर में गिरती है.
    • राइन नदी: इसके मार्ग में कोयले का महत्व होने के कारण इसे कोयला नदी (Coal River) भी कहते हैं. इटली की 'पो नदी' को इटली की गंगा कहा जाता है. गल्फ स्ट्रीम जलधारा को 'यूरोप का गर्म कम्बल' कहा जाता है. इटली विश्व का सर्वाधिक अंगूर तथा जैतून उत्पादित करने वाला देश है.

2. ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप (Australia) — 'द्वीपीय महाद्वीप'

  • भौगोलिक विशेषताएँ — इसकी खोज ऐबेल तस्मान और कप्तान जेम्स कुक ने की थी. यह पूर्णतः दक्षिणी गोलार्द्ध में स्थित है और पूरे महाद्वीप पर फैला होने के कारण इसे 'द्वीपीय महाद्वीप' कहते हैं. मकर रेखा इसके मध्य से होकर गुजरती है. ऑस्ट्रेलिया में ज्वालामुखी का सर्वथा अभाव है. इसके मूल निवासियों को 'एबोर्र्ज' तथा न्यूजीलैंड के मूल निवासियों को 'माओरी' कहते हैं.
  • नदियाँ, झीलें व मरुस्थल:
    • ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख पर्वत शृंखला: ग्रेट डिवाइडिंग रेंज है, जिसमें स्थित 'कोस्युस्को' (2228 मी.) ऑस्ट्रेलिया का सर्वोच्च शिखर है.
    • प्रमुख नदियाँ: मरे और डार्लिंग. प्रमुख झीलें: ईरी झील, टोरेंस झील, गार्डनर झील. ऑस्ट्रेलिया और न्यूगिनी के बीच टॉरेंस जलसन्धि स्थित है.
    • सोने की प्रसिद्ध खानें: कालकूर्ली और कूलगार्डी विश्वविख्यात हैं. ऑस्ट्रेलिया विश्व का सर्वाधिक बॉक्साइट उत्खनित करने वाला देश है. 'मेरिनो' ऊन का उत्पादक देश होने के कारण यह विश्व का सर्वाधिक ऊन निर्यातक देश है. भेड़ पालन केन्द्रों पर काम करने वाले मजदूरों को 'जेकारू' कहा जाता है.
    • प्रमुख मरुस्थल: गिब्सन, विक्टोरिया, सेण्डी. सिडनी ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा नगर और बन्दरगाह है. 'ट्रांस कॉन्टीनेन्टल रेलमार्ग' ऑस्ट्रेलिया का सबसे लम्बा रेलमार्ग है जो पर्थ से सिडनी के मध्य स्थित है.

3. अंटार्कटिका महाद्वीप (Antarctica) — 'विज्ञान के लिए समर्पित महाद्वीप'

  • भौगोलिक विशेषताएँ — यह विश्व का पाँचवाँ सबसे बड़ा महाद्वीप है जो दक्षिणी ध्रुव पर स्थित है, जिस पर सदैव बर्फ जमी रहती है. इसका क्षेत्रफल 14 करोड़ वर्ग किमी. है. इसे 'विज्ञान के लिए समर्पित महाद्वीप' व सफेद महाद्वीप भी कहा जाता है. अंटार्कटिका महाद्वीप का सर्वोच्च पर्वत शिखर माउंट विन्सन मैसिफ है.
  • खाड़ियाँ व अनुसंधान केन्द्र:
    • रॉस सागर और वेडेल सागर नामक दो बड़ी खाड़ियाँ अंटार्कटिका के आर-पार होकर गुजरने वाली पर्वत शृंखला को विपरीत दिशाओं में काटती हैं. यहाँ पेँग्विन, सील, व्हेल जैसे जीव पाए जाते हैं. अंटार्कटिका क्षेत्र में भोजन का मुख्य स्रोत क्रिल नामक मछली है.
    • भारतीय अनुसंधान केन्द्र: भारत के अंटार्कटिका में तीन अनुसंधान केन्द्र हैं— दक्षिण गंगोत्री (1983–84), मैत्री (1988) और भारती.
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