HIState PCSचंद्रयान-3G20 शिखर सम्मेलननई शिक्षा नीतिग्रीन क्रेडिट कार्यक्रमअंतरिक्ष प्रौद्योगिकी
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चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 23 अगस्त 2023 को चंद्रयान-3 मिशन के तहत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक लैंडिंग कर इतिहास रच दिया। भारत ऐसा करने वाला दुनिया का चौथा देश और चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला पहला देश बन गया है। लैंडर 'विक्रम' और रोवर 'प्रज्ञान' ने चंद्रमा की सतह पर विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोग किए, जिससे चंद्रमा की भूवैज्ञानिक संरचना और जल-बर्फ की उपस्थिति के बारे में महत्वपूर्ण डेटा प्राप्त हुआ। इस मिशन ने भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया है।
भारत में G20 शिखर सम्मेलन
सितंबर 2023 में नई दिल्ली में आयोजित G20 शिखर सम्मेलन भारत की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक घटना थी। इस सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन, सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। 'वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर' की थीम के तहत, सदस्य देशों ने 'दिल्ली घोषणा' को अपनाया, जिसमें बहुपक्षीय सुधारों और समावेशी विकास पर जोर दिया गया। अफ्रीकी संघ को G20 का स्थायी सदस्य बनाया जाना इस शिखर सम्मेलन की एक प्रमुख उपलब्धि रही।
नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के क्रियान्वयन में प्रगति
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के क्रियान्वयन में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में महत्वपूर्ण प्रगति देखी जा रही है। उच्च शिक्षा में बहु-विषयक दृष्टिकोण, व्यावसायिक शिक्षा का एकीकरण और प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हाल ही में, कई विश्वविद्यालयों ने चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रमों को अपनाया है और क्रेडिट ट्रांसफर की सुविधा प्रदान की है। NEP का उद्देश्य भारतीय शिक्षा प्रणाली को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना है।
ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम
पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम (GCP) शुरू किया है। यह कार्यक्रम व्यक्तियों, समुदायों और निजी क्षेत्र को स्वैच्छिक पर्यावरणीय कार्यों के लिए प्रोत्साहित करता है। इसके तहत, वृक्षारोपण, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन और वायु प्रदूषण नियंत्रण जैसे कार्यों के लिए 'ग्रीन क्रेडिट' उत्पन्न किए जाते हैं, जिन्हें व्यापार योग्य बनाया जा सकता है। यह एक बाजार-आधारित तंत्र है जो पर्यावरणीय सेवाओं के लिए प्रोत्साहन प्रदान करता है और हरित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देता है।