# महिला आरक्षण विधेयक# होरमुज जलडमरूमध्य# महंगाई भत्ता# रेलवे परियोजनाएं# VHP# लोकसभा उत्पादकता# खरीफ तैयारी# ईरान यूरेनियम# भारत
📌 महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा
संविधान (128वां संशोधन) विधेयक, जो संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रस्ताव करता है, पर वर्तमान में चर्चा चल रही है।
इस विधेयक के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, और यदि यह पारित नहीं हो पाता है, तो यह 2014 के बाद मोदी सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती हो सकती है।
विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन और आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर "सामंती मानसिकता" का आरोप लगाया है, जबकि कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने स्पष्ट किया है कि विपक्ष आरक्षण के खिलाफ नहीं, बल्कि इसे परिसीमन और जनगणना से जोड़ने के खिलाफ है।
सरकार ने 2029 से पहले 33% महिला आरक्षण लाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
टीएमसी के अभिषेक बनर्जी ने कहा कि टीएमसी भाजपा के प्रभाव को "जमीनी स्तर पर विफल" करने का प्रयास कर रही है।
📚 परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण: संवैधानिक संशोधन, महिला सशक्तिकरण, संसदीय प्रक्रिया, राजनीतिक दल और उनके रुख, केंद्र-राज्य संबंध।
📌 होरमुज जलडमरूमध्य में तनाव
ईरान के मिश्रित संकेतों के बीच भारतीय और ग्रीक कच्चे तेल के टैंकर होरमुज जलडमरूमध्य से वापस लौट गए।
ब्रिटिश सैन्य रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी गनबोट्स ने जलडमरूमध्य में एक टैंकर पर गोलीबारी की, हालांकि चालक दल सुरक्षित बताया गया।
ईरान ने पहले जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की घोषणा की थी, लेकिन बाद में प्रतिबंध फिर से लगा दिए।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने X पर कहा कि "युद्धविराम की शेष अवधि के लिए होरमुज जलडमरूमध्य से सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए मार्ग पूरी तरह से खुला घोषित किया गया है"।
ईरान के मंत्री ने कहा कि अमेरिका अपनी इच्छा थोपकर होरमुज जलडमरूमध्य को अवरुद्ध नहीं कर सकता।
📚 परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण: अंतर्राष्ट्रीय संबंध, भू-राजनीति, महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग, ऊर्जा सुरक्षा, ईरान-इजराइल संघर्ष का प्रभाव।
📌 केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) में संभावित वृद्धि
मंत्रिमंडल ने केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों के लिए 2% महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में वृद्धि का प्रस्ताव किया है।
यह प्रस्तावित वृद्धि DA/DR को 58% से बढ़ाकर 60% कर सकती है।
इस संभावित फैसले से लगभग 50.46 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और लगभग 68.27 लाख पेंशनभोगियों को लाभ हो सकता है।
इस वृद्धि से सरकारी खजाने पर सालाना ₹6,791 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।